17 दो 19 का अंकगणित 3,600 की तनख्वाह… और 50 हजार की महफ़िल..!
सारनी नगर पालिका में हिसाब से ज़्यादा हिस्सेदारी की चर्चा,महफ़िल,जेएम खरीद और शिकायतों ने बढ़ाई सियासी सरगोशियां अब सबकी निगाह जांच पर
सारनी। नगर पालिका परिषद सारनी इन दिनों किसी फ़िल्मी गीत से कम चर्चा में नहीं है,गलियारों में लोग तंज कसते नज़र आ रहे हैं,मुन्नी से ज़्यादा बदनाम और शीला से ज़्यादा जवान क्योंकि यहां अब विकास से ज़्यादा 17 दो 19 का अंकगणित सुर्खियां बटोर रहा है।शहर की चाय की टपरियों से लेकर दफ्तरों के बरामदों तक एक ही सवाल गूंज रहा है।आख़िर पार्षदों की 3,600 रुपए महीने की मानदेय वाली सियासत में 50 हजार से अधिक की शानदार दावत का हिसाब-किताब कैसे बैठता है।सूत्रों के मुताबिक मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सी.के.) के सेवानिवृत्त होने के बाद छतरपुर मार्ग स्थित एक रिसॉर्ट में इंजीनियर,अकाउंट अधिकारी,उपाध्यक्ष, पार्षद शाहित अन्य लोगों की मौजूदगी में भव्य पार्टी आयोजित हुई। इस पार्टी का खर्च 50 हजार से अधिक बताया जा रहा है, जिसने पूरे शहर में गुफ़्तगू, कानाफूसी और सवालों का बाज़ार गर्म कर दिया है।चर्चा यह भी है कि
पिछले 43 महीनों में जन प्रतिनिधियों को शासन से कुल एक लाख 54 हजार 800 मानदेय मिला है। ऐसे में लोग व्यंग्य करते हुए पूछ रहे हैं,हिसाब की किताब में ऐसा कौन-सा फ़ॉर्मूला लगा कि तनख्वाह छोटी और महफ़िल इतनी बड़ी हो गई।इधर,जीईएम (GeM)भारत सरकार का एक ऑनलाइन सार्वजनिक खरीद पोर्टल के माध्यम से हुई खरीदारियों को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं।सूत्र दावा कर रहे हैं कि जिन फर्मों और सप्लायरों के नाम सामने आ रहे हैं, उनकी आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में शिकायत की तैयारी चल रही है।यदि निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हुई तो दूध का दूध और पानी का पानी होने की उम्मीद जताई जा रही है।बीते सप्ताह सोशल मीडिया पर नगर पालिका परिषद सारणी के स्वास्थ्य निरीक्षक के विरुद्ध लगाए गए आरोपों और कथित दबाव बनाने की घटनाओं ने भी माहौल को और गरमा दिया है। शहर में अब यही कहा जा रहा है कि जब दौलत का नशा सिर चढ़कर बोलने लगे,तो अदब,अख़लाक़ और जवाबदेही अक्सर पीछे छूट जाती है। आखिर इन जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ऐसा क्या अली दिन का चिराग मिल गया कि 3600 रुपए प्रति माह के वेतन में 50 हजार की पार्टी और शाही जिंदगी जीने का तारीक किया जा रहा है। सूत्रों का तो यहां तक का कहना है कि सी के कार्यकाल में 17 दो 19 प्रतिमाह तीन से कर ऑफलाइन काम ले लिया करते थे उनके सेवानिवृत होने के बाद अब वह सेवा उपलब्ध नहीं हो रही है जिसकी वजह से नगर पालिका परिषद सारणी के स्वास्थ्य निरीक्षक को आवक जावक कार्यालय में बिठाकर सभी कर्मचारियों के सामने अशुभनी शब्दों का उपयोग करते हुए ऑफलाइन की लाइन तैयार करने का काम 17 दो 19 कर रहे थे। इन पार्षदों के माध्यम से कुछ इस तरह का आतंक मचा रखा है कि नगर पालिका के कर्मचारियों को अनावश्यक परेशान करके अपना उल्लू सीधा करने का काम करते हैं।छतरपुर के जो रिजॉर्ट में जो पार्टी दी गई थी वहां पर वेज नॉनवेज के अलावा वारुणी का जमकर प्रयोग हुआ था जिसके सीसी फुटेज भी उसे अंतिम विदाई समारोह के सार्वजनिक होने की संभावना से नजरअंदाज होता दिखाई नहीं दे रहा है।











