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स्मार्ट मीटर बना गरीबों की मुसीबत..! 3 – 4 हजार कमाने वालों के हाथ में थमा दिए हजारों के बिजली बिल

स्मार्ट मीटर बना गरीबों की मुसीबत..! 3 – 4 हजार कमाने वालों के हाथ में थमा दिए हजारों के बिजली बिल

पाथाखेड़ा की झुग्गी बस्ती से फूटा आक्रोश,250 से अधिक महिला-पुरुषों ने बिजली कार्यालय का किया घेराव शिविर लगाकर राहत देने का मिला आश्वासन

सारनी।कोयलांचल क्षेत्र पाथाखेड़ा के डॉ.राजेंद्र प्रसाद वार्ड क्रमांक-27 की झुग्गी बस्ती में रहने वाले गरीब परिवार इन दिनों स्मार्ट मीटर के बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान हैं।अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी,घरों में बर्तन-भांडे साफ करने, झाड़ू-पोंछा करने और छोटे-मोटे काम करके किसी तरह महीने के 3 हजार से 4,500 रुपये तक ही कमा पाते हैं।ऐसे परिवारों के सामने जब 1,4 सौ से 3,500 रुपये तक के बिजली बिल पहुंचे तो उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगा गई।कई परिवारों का कहना है कि अब उनके सामने घर का राशन चलाएं या बिजली का बिल भरें,जैसी स्थिति बन गई है।इसी समस्या को लेकर सोमवार को भाजपा पार्षद संगीता धुर्वे के नेतृत्व में झुग्गी बस्ती के 250 से अधिक महिला-पुरुष सारनी स्थित बिजली कार्यालय पहुंचे और करीब ढाई घंटे तक जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अचानक कई गुना वृद्धि हो गई है,जिससे गरीब परिवारों का जीवन संकट में पड़ गया है।पार्षद संगीता धुर्वे ने कहा कि जो परिवार पूरे महीने कड़ी मेहनत करके मुश्किल से 3 से 4 हजार रुपये कमाता है,वह हजारों रुपये का बिजली बिल कैसे जमा करेगा।उन्होंने कहा कि पहले सामान्य मीटर पर सब्सिडी का लाभ मिलता था और करीब 100 यूनिट का बिल लगभग 100 रुपये आता था,लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद वही बिल 1,400 से 3,500 रुपये तक पहुंच रहा है।समाजसेवी दिलीप पाटिल ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के कर्मचारी घर-घर पहुंचकर स्मार्ट मीटर के नाम पर बिल जमा कराने का दबाव बना रहे हैं,जिससे महिलाओं में भारी आक्रोश है।उनका कहना है कि गरीब परिवार पहले ही महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं,ऐसे में बढ़े हुए बिजली बिल उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन गए हैं।बढ़ते विरोध को देखते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्थिति को शांत करने के लिए वार्ड क्रमांक-27 में विशेष शिविर लगाकर बिजली बिलों की जांच और पात्र हितग्राहियों को राहत देने का आश्वासन दिया।इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और धरना समाप्त किया।इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या स्मार्ट मीटर व्यवस्था का सबसे अधिक बोझ गरीब और झुग्गी बस्ती में रहने वाले परिवारों पर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर सोलर प्लांट लगे होने के बाद भी 25 से 30 हजार रुपये तक के बिजली बिल आने की शिकायतें सामने आ रही हैं,जिससे लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।प्रदर्शन में दिलीप पाटिल, विनायक सिंह,दीपक गिरी, संतोष मालवी, शिवनारायण गिरी,रोशन गिरी,अनुराधा बिहारी, अंजलि मालवी,सुनीता पवार,संगीता धुर्वे सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक शामिल रहे।समाजसेवी दिलीप पाटिल ने चेतावनी दी कि यदि गरीब परिवारों के बिजली बिलों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे बिजली कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।

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